सैन्य पुलिस में 2036 तक की जानी है कुल 1,700 महिलाओं की भर्ती
अब इन महिला सैनिकों को लांस नायक के पद पर किया जायेगा तैनात
भारतीय
सेना ने अपनी सैन्य
पुलिस के हिस्से के
रूप में 83 महिला सैनिकों के पहले बैच
को शामिल किया। इन महिला सैनिकों
के लिए महत्वपूर्ण सत्यापन परेड बेंगलुरु के द्रोणाचार्य परेड
ग्राउंड में हुई। यह कदम हर
साल 100 महिलाओं की भर्ती करने
की योजना का हिस्सा है।
इस प्रकार 2036 तक कुल 1,700 महिलाओं
की भर्ती करके सैन्य पुलिस में महिलाओं का प्रतिशत 20 प्रतिशत
तक ले जाना है।
अब इन महिला सैनिकों
को लांस नायक के पद पर
विभिन्न इकाइयों में तैनात किया जाएगा।
रक्षा
मंत्रालय के अनुसार, इन
महिला सैनिकों को बेसिक मिलिट्री
ट्रेनिंग से जुड़े पहलुओं
पर 61 सप्ताह का गहन प्रशिक्षण
दिया गया है। इस दौरान उन्हें
सभी प्रकार के पुलिसिंग कर्तव्यों,
युद्ध बंदियों के प्रबंधन, औपचारिक
कर्तव्यों और कौशल विकास,
सभी वाहनों की ड्राइविंग और
रखरखाव के साथ सिग्नल
संचार के बारे में
प्रशिक्षित किया गया। प्रशिक्षण पूरा होने के बाद बेंगलुरु
स्थित कोर्स ऑफ मिलिट्री पुलिस
सेंटर एंड स्कूल के द्रोणाचार्य परेड
ग्राउंड में 83 महिला सैनिकों के पहले जत्थे
ने परेड की, जो सभी कोविड
संबंधी प्रोटोकॉल का पालन करते
हुए आयोजित की गई थी।
100 महिला सैन्य पुलिस के पहले बैच
ने जनवरी, 2020 में बेंगलुरु के सैन्य पुलिस
केंद्र और स्कूल में
प्रशिक्षण शुरू किया था।
सीएमपी
सेंटर एंड स्कूल के कमांडेंट ने
परेड की समीक्षा करते
हुए 61 सप्ताह का कड़ा प्रशिक्षण
पूरा करने के लिए महिला
सैनिकों को बधाई दी।
उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि महिला सैनिकों
को दिए गए प्रशिक्षण से
उन्हें बेहतर स्थिति में आने में सहायता मिलेगी। साथ ही स्वयं को
देश के विभिन्न भू-भाग और सामरिक परिस्थितियों
में स्थित अपनी नई इकाइयों में
मल्टीप्लायर फोर्स साबित करने में मदद मिलेगी। इन महिला सैनिकों
को उस समय सेना
का हिस्सा बनाया गया है, जब सेना ने
असम राइफल्स की लगभग 30 महिला
सैनिकों को पहली बार
जम्मू-कश्मीर की नियंत्रण रेखा
के पास (तंगधार में) तैनात किया है। अब सैन्य पुलिस
के अलावा अन्य शाखाओं में भी महिला आरक्षकों
को शामिल करने पर विचार किया
जा रहा है।
केंद्र
सरकार ने जनवरी, 2019 में
सैन्य पुलिस में महिलाओं को शामिल करने
की मंजूरी दी थी और
2036 तक 1,700 महिला सैनिकों की प्रति वर्ष
100 भर्तियों के बैच में
करने की योजना है।
सेना ने महिलाओं को
सैन्य पुलिस में शामिल करने का प्रस्ताव पहली
बार दिसम्बर, 2017 में रखा था। इसके बाद जनवरी, 2019 में सरकार से मंजूरी मिली
थी। डिफेन्स सर्विस में सेना ने पहली बार
अधिकारियों के पद से
नीचे महिलाओं को भर्ती किया
है, जबकि नौसेना और वायु सेना
में अधिकारियों से नीचे महिलाओं
की रैंक नहीं है।

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