भारत
के प्रथम राष्ट्रपति हैं डाॅ. राजेन्द्र प्रसाद। इनका जन्म 03 दिसम्बर, 1884 को जीरादेई, सारण,
सीवान, बिहार में हुआ था। शिक्षा प्राप्त करने के बाद ये
शिक्षा के क्षेत्र से
ही जुड़े। इन्होंने कानून की डिग्री भी
प्राप्त की। भारतीय स्वतंत्रता आन्दोलन में देशरत्न डाॅ. राजेन्द्र प्रसाद का उल्लेखनीय योगदान
रहा है। सादगी, विनम्रता इनकी खास पहचान थी और ये
सभी वर्गों में काफी लोकप्रिय थे। आप भारतीय संविधान
के अध्यक्ष भी रहे हैं।
17 नवम्बर, 1947 को आचार्य कृपलानी
के त्यागपत्र देने पर कांग्रेस अध्यक्ष
का कार्यभार संभाला। इससे पहले भी 1939 में सुभाषचंद बोस के त्यागपत्र देने
पर कांग्रेस अध्यक्ष रहे थे। साथ ही पत्रकारिता से
भी इनका नाता रहा है। सेवानिवृत होने के बाद राजेन्द्र
बाबू पटना के सदाकत आश्रम
में बनी एक झोपड़ी में
अपने अंतिम समय तक रहे। आज
उनके आवास को उसी रूप
में रखने का प्रयास किया
गया है, जैसे पहले था। साथ ही यह लोगों
के लिए खोल दिया गया है। इसी कैम्पस में राजेन्द्र स्मृति कुटीर से थोड़ी ही
दूरी पर राजेन्द्र स्मृति
संग्रहालय है। यहां राजेन्द्र बाबू से जुड़ी काफी
चीजें काफी संभाल कर रखी गयी
है।









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